नैनीताल , दिसम्बर 30 -- उत्तराखंड के नैनीताल के जिलाधिकारी न्यायालय ने मंगलवार को महत्वपूर्ण निर्णय जारी कर 3.60 हेक्टेयर भूमि के पट्टे निरस्त करने के साथ भूमिधरी अधिकार को भी निरस्त कर दिया है।
मामले के अनुसार ऊधमसिंह नगर के तहसील रुद्रपुर के जगतपुरा निवासी स्वर्ण सिंह, श्री दर्शन सिंह, और हरकेवल सिंह तथा हरपाल सिंह की ओर से ऊधमसिंह नगर के कलेक्टर के सम्मुख भूमि विवाद से संबंधित तीन वाद प्रस्तुत किए गए थे।
जिन्हें आयुक्त न्यायालय द्वारा सुनवाई एवं निस्तारण हेतु जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल के न्यायालय में हस्तांतरित कर दिया गया था। ये वादा वर्ष 2018 से उक्त वाद लंबित थे।
जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा अपने आदेश में पाया गया कि तीनों वादों में विचाराधीन भूमि मूलत: नजूल भूमि है जिसे श्रेणी वर्ग-4 में दर्ज किए जाने संबंधी ऊधमसिंह नगर के अपर जिलाधिकारी के आदेश को राजस्व परिषद देहरादून द्वारा पूर्व में ही निरस्त किया जा चुका है।
जिस कारण उक्त भूमि पर वर्ग-4 के भूमि विनियमितीकरण के शासनादेशों का लाभ प्रदान नहीं किया जा सकता है। जिस कारण पूर्व में की गई विनयमितीकरण की कार्रवाई एवं भूमिधरी के अधिकार नहीं दिए जा सकते।
जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल ललित मोहन रयाल द्वारा रुद्रपुर के तहसीलदार को आदेश के अनुपालन के भी निर्देश दिए गए हैं।
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