लखनऊ , दिसंबर 28 -- कानपुर स्थित गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज (जीएसवीएम) में जिंदा मरीज को मृत घोषित किए जाने के गंभीर प्रकरण पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर ड्यूटी पर तैनात जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर, स्टाफ नर्स और वार्ड आया को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसे तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी।

बीते 24 दिसम्बर को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के वार्ड संख्या-12, बेड संख्या-43 पर भर्ती एक जीवित मरीज को मृत घोषित कर उसका पुलिस इन्फॉर्मेशन (पीआई) भेज दिया गया। मामला सामने आने के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कॉलेज के प्रधानाचार्य को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिसके बाद निर्देशों के अनुपालन में ड्यूटी पर तैनात जूनियर रेजिडेंट डॉ. हिमांशु मौर्या, नर्सिंग स्टाफ सनी सोनकर तथा वार्ड आया रहनुमा को निलंबित कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही या संवेदनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति की अध्यक्षता जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की उप-प्रधानाचार्य डॉ. ऋचा गिरि करेंगी। समिति में ला.ला.रा. एवं संबद्ध चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. आर.के. सिंह तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सौरभ अग्रवाल को सदस्य नामित किया गया है। समिति को तीन दिन के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

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