जालौन , अप्रैल 02 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में सहकारी समिति कर्मचारियों ने सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक विजय प्रकाश वर्मा के निलंबन के विरोध में गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने उरई कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए निलंबन आदेश को वापस लेने की मांग की। जिलाध्यक्ष प्रियंक पांडेय और महामंत्री बलराम पाल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विजय प्रकाश वर्मा ने अपने कार्यकाल में ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ कार्य किया। ज्ञापन में कहा गया कि उनके नेतृत्व में जिले में समय पर उर्वरक उपलब्ध कराया गया, ऋण वितरण और वसूली की व्यवस्था सुधरी तथा पैक्स समितियों के कंप्यूटरीकरण में महत्वपूर्ण प्रगति हुई।
कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि एक सेवानिवृत्त कैडर सचिव की अनियमितताओं के दबाव में यह कार्रवाई की गई है। उनका कहना है कि संबंधित मामले में उच्च न्यायालय द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बावजूद निलंबन से कर्मचारियों में आक्रोश है।
सहकारी समिति कर्मचारी यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि निलंबन आदेश तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो 6 अप्रैल 2026 को एक दिवसीय सांकेतिक कलमबंद हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांगें पूरी न होने पर 15 अप्रैल से पूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा।
कर्मचारियों ने कहा कि कार्य बहिष्कार की स्थिति में गेहूं खरीद, उर्वरक वितरण, ऋण वितरण, वसूली और कंप्यूटरीकरण जैसे कार्य प्रभावित होंगे, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए विजय प्रकाश वर्मा की शीघ्र बहाली सुनिश्चित की जाए, ताकि विभागीय कार्य सुचारु रूप से चलते रहें।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित