जालौन , मार्च 10 -- महात्मा ज्योतिराव फुले माता सावित्रीबाई संघर्ष मोर्चा, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में मंगलवार को यहां देश की प्रथम महिला शिक्षिका और महान समाज सुधारिका सावित्रीबाई फूले की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने सावित्रीबाई फूले के जीवन, संघर्ष और समाज सुधार में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए उन्हें नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस समय महिलाओं और दलितों के लिए शिक्षा का मार्ग प्रशस्त किया, जब समाज में महिलाओं की शिक्षा को लेकर अनेक प्रकार की कुरीतियां और प्रतिबंध थे। उन्होंने अपने पति ज्योतिराव फूले के साथ मिलकर समाज में फैली जाति व्यवस्था, छुआछूत और लैंगिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया और शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बनाया।

सभा में वक्ताओं ने कहा कि सावित्रीबाई फुले का जीवन त्याग, समर्पण और साहस का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने महिलाओं के लिए विद्यालय खोलने के साथ-साथ समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को शिक्षा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनके प्रयासों से महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित हुई, जिसका प्रभाव आज भी समाज में देखने को मिलता है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि नारी शिक्षा, समानता और सामाजिक समरसता के लिए सावित्रीबाई फुले के विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणादायी हैं और नई पीढ़ी को शिक्षा तथा सामाजिक न्याय के प्रति जागरूक करते हैं।

कार्यक्रम में प्रदेश महासचिव विवेक कुमार सैनी (एडवोकेट), जिला अध्यक्ष जगदीश प्रसाद सैनी, जिला महासचिव सुरेश माली, नरेंद्र कुमार सैनी, प्रमोद कुमार सैनी (मंटू), रमेश सैनी, सोनू सैनी, संरक्षक कैलाश नारायण सैनी, जिला उपाध्यक्ष अशोक सैनी, संरक्षक राजकुमार सैनी, जिला संरक्षक किशुन सैनी, बुंदेलखंड प्रभारी विजय कुमार सैनी, जिला मीडिया प्रभारी अनिल कुमार सैनी, युवा जिला अध्यक्ष मयंक सैनी (मंकू) तथा जिला कोषाध्यक्ष वीरेंद्र सैनी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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