जालंधर/चंडीगढ़ , जनवरी 15 -- पंजाब के जालंधर की एक अदालत ने गुरुवार को दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) की वरिष्ठ नेता आतिशी से संबंधित फर्जी वीडियो मामले में बड़ा आदेश जारी कर इसे सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और टेलीग्राम को 24 घंटों के अंदर इस फर्जी और छेड़छाड़ की गई वीडियो को हटाने का आदेश दिया है। गलत जानकारी के प्रसार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अदालत ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को निर्देश दिए हैं कि साइबर क्राइम विभाग से जानकारी मिलने पर ऐसी किसी भी वीडियो को तुरंत हटाया जाए।
अदालत के आदेशों पर प्रतिक्रिया देते हुए 'आप' पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि एक बार फिर भाजपा के झूठ, फरेब और गलत इरादे पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर, जिसमें साबित हुआ कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी और यह फर्जी थी, अदालत के इस फैसले से भाजपा की झूठ और नफरत की राजनीति सीधे तौर पर बेनकाब हुई है।
अरोड़ा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों के दौरान, भाजपा ने हमारी वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी का नाम विधानसभा में हमारे सम्मानित गुरुओं की कथित बेअदबी से जोड़कर खुलेआम झूठ फैलाने की कोशिश की। यह पंजाब के लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और जानबूझकर सांप्रदायिक सद्भावना को बिगाड़ने की एक सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब भाजपा का प्रचार बेनकाब हुआ हो।
अरोड़ा ने कहा कि पहले भी फोरेंसिक जांच में स्पष्ट तौर पर साबित हुआ था कि कपिल मिश्रा और अन्य भाजपा नेताओं के साथ-साथ उनके 'सहयोगी' साथियों, चाहे वह कांग्रेस हो या अकाली दल, द्वारा प्रसारित की गई वीडियो पूरी तरह फर्जी थीं। सच्चाई जानने के बावजूद वे यह मनगढ़ंत वीडियो फैलाते रहे। आज जालंधर की अदालत ने स्पष्ट तौर पर फैसला सुनाया है कि ये वीडियो फर्जी, धोखाधड़ी और गुमराह करने वाली हैं और इन्हें सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश दिया है।
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