जामनगर , दिसंबर 13 -- गुजरात के जामनगर में जिला स्तरीय कार्यक्रम में नौ कंपनियों द्वारा शनिवार को 5716 करोड़ रुपये के एमओयू किये गये।जामनगर में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस की श्रृंखला के अंतर्गत राज्य के वन एवं पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री तथा जामनगर जिले के प्रभारी मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया की अध्यक्षता में लेउआ पाटीदार समाज भवन में आज जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान जिला उद्योग केंद्र और विभिन्न नौ कंपनियों के बीच कुल 5716 करोड़ रुपये की राशि के एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। इनमें विंड- सोलर पावर हाइब्रिड प्रोजेक्ट (नवीकरणीय ऊर्जा) सेक्टर में ओपविंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (3368 करोड़ रुपये), जामनगर रिन्यूएबल्स वन एंड टू प्राइवेट लिमिटेड (1703 करोड़ रुपये) तथा सुजलॉन वेस्टर्न इंडिया प्रोजेक्ट लिमिटेड (600 करोड़ रुपये) द्वारा आगामी तीन वर्षों में विंड-सोलर हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट्स को क्रियान्वित किया जाएगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से अनुमानित रूप से 1725 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

इसके अलावा, इंजीनियरिंग, ऑटो एवं अन्य उद्योग क्षेत्रों में शिव ओम ब्रास इंडस्ट्रीज (25 करोड़ रंपये), मेटालेक्स एक्सट्रूज़न (6.5 करोड़ रुपये), एटलस मेटल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड (पांच करोड़ रुपये), रेमबेम पी.जी.एम. इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड (पांच करोड़ रुपये) तथा यल्लो गोल्ड मेटल प्राइवेट लिमिटेड (3.5 करोड़ रुपये) द्वारा एल्युमिनियम एक्सट्रूज़न प्लांट, एल्युमिनियम एवं कॉपर लग्स, ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग, केमिकल प्रोडक्ट्स और ब्रास पार्ट्स के क्षेत्रों में परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी।

इनसे अनुमानित रूप से 400 से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा। इन सभी परियोजनाओं के वर्ष 2026 में प्रारंभ होने की संभावना है। इसके साथ ही मंत्री द्वारा श्री वाजपेयी बैंकेबल योजना के लाभार्थियों को व्यवसाय हेतु लोडिंग वाहनों की चाबियां भी प्रदान की गयीं।

प्रभारी मंत्री श्री मोढवाडिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वाइब्रेंट गुजरात केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि ये गुजरात के विकास की दृष्टि, आत्मनिर्भरता के संकल्प और विश्व के साथ प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रारंभ की गयी वाइब्रेंट गुजरात पहल ने आज गुजरात को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा केंद्र बना दिया है।

जामनगर जिला औद्योगिक दृष्टि से एक विशिष्ट पहचान रखता है। चाहे ब्रास पार्ट उद्योग हो या निर्माण क्षेत्र, रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग हों, बंदरगाह आधारित गतिविधियां हों या पारंपरिक कारीगरी, जामनगर ने हमेशा विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। यहां के उद्योगपतियों की मेहनत और कौशल ने जामनगर को 'ब्रास सिटी ऑफ इंडिया' के रूप में पहचान दिलाई है।

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