हैदराबाद , अप्रैल 16 -- तेलंगाना के पशुपालन, डेयरी विकास और खेल मंत्री वाकिटी श्रीहरि ने जाति जनगणना के विवरण को सार्वजनिक करने के तेलंगाना सरकार के निर्णय को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम पारदर्शिता और सामाजिक न्याय को मजबूती प्रदान करता है।

सचिवालय में बुधवार शाम को पत्रकारों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि उन राजनैतिक दलों के लिये इस पहल की आलोचना करना "हास्यास्पद" है, जिन्होंने दशकों तक जाति जनगणना पर अपने रुख को केवल कोरी बयानबाजी तक सीमित रखा था। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी आलोचना इस डर से पैदा हो रही है कि प्रामाणिक आंकड़ों के जारी होने से उनका राजनैतिक झूठ उजागर हो जायेगा।

श्री श्रीहरि ने उल्लेख किया कि इस निर्णय से पिछड़े वर्गों की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा और जनता उन नेताओं की सच्ची प्रतिबद्धता को समझ सकेगी जिन्होंने अब तक स्वयं को केवल वादों तक सीमित रखा था। उन्होंने कहा कि आंकड़ों तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित होने से विकास योजनाएं वास्तव में पात्र वर्गों तक पहुंच सकेंगी।

उन्होंने कुछ दलों पर भ्रांतियां फैलाकर जनता को जानबूझकर गुमराह करने का आरोप लगाया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि तेलंगाना सरकार ईमानदारी और साहस के साथ आगे बढ़ेगी। उन्होंने टिप्पणी की, "जो लोग सामाजिक न्याय की बात करते हैं, उन्हें पहले पारदर्शिता अपनानी चाहिये।" ऐसी पहलों के महत्व पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि समाज में समानता लाने के लिये जाति जनगणना जैसे निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने पुष्टि की कि सरकार बाहरी दबावों के आगे झुके बिना अपने प्रयास जारी रखेगी।

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