चंडीगढ़ , अप्रैल 01 -- मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग की चार साल की रिपोर्ट पेश करते हुए घोषणा की कि पंजाब में पहली बार जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वे शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सर्वेक्षण एक अप्रैल से शुरू होकर सभी वर्गों के जीवन स्तर का आकलन करेगा और पूरी तरह गोपनीय रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सर्वे नीतियों को अधिक लक्षित और प्रभावी बनाने में मदद करेगा, जिससे समाज के हर वर्ग का संतुलित और न्यायसंगत विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होने बताया कि पिछले चार वर्षों में गांवों के विकास के लिए बड़े स्तर पर काम हुआ है। अवैध कब्जे हटाकर और पारदर्शी तरीके से शमलात जमीन की लीजिंग से 1,842.78 करोड़ रूपये का राजस्व उत्पन्न किया गया है। उन्होंने कहा कि 2025-26 में ही ग्रामीण विकास पर 2,367.64 करोड़ रूपये खर्च किए गए, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है।

मान ने कहा कि राज्य में कुल 13,236 पंचायतों में से 2024 के चुनाव में 2,970 पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गईं, जो 2018 की तुलना में 1,100 अधिक हैं। सरपंचों का मानदेय 1,200 से बढ़ाकर दो हजार रूपये किया गया है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए 6,500 एकड़ में 3,000 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जिन पर 1,166 करोड़ खर्च हो रहे हैं। साथ ही 251 गांवों में लाइब्रेरी बनाई जा रही हैं, जिनमें से 231 पूरी हो चुकी हैं।

मनरेगा के तहत 2022 के बाद 5,146 करोड़ खर्च किए गए और 8.96 लाख लोगों को रोजगार मिला। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा किए गए बदलावों का विरोध करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण रोजगार पर असर पड़ सकता है। पंजाब स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन के तहत 58,303 स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं, जिससे 5.89 लाख परिवार जुड़े हैं। महिलाओं को डेयरी फार्मिंग से जोड़ने के लिए 1,100 दूध सहकारी समितियां बनाई गईं और 18 करोड़ रूपये के ब्याज मुक्त ऋण दिए गए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल 76,000 ग्रामीण घरों को मंजूरी दी गई है, जबकि लक्ष्य एक लाख घर बनाने का है। साथ ही 17,080 गांवों के तालाबों की सफाई का अभियान भी चलाया जा रहा है। नशे के खिलाफ अभियान में 1.25 लाख से अधिक लोग जुड़ चुके हैं और 12,000 गांव रक्षा समितियां बनाई गई हैं, जो पुलिस को सूचना देकर तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में मदद कर रही हैं।

श्री मान ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह पंजाब के साथ भेदभाव कर रही है और कई योजनाओं के फंड रोके जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य अपने अधिकारों के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं की खरीद के लिए पूरी तैयारी है और किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

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