नैनीताल , दिसंबर 22 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में मंदिरों के रखरखाव एवं उसकी देखरेख के लिए मंदिर कमेटी के गठन से जुड़े पूर्व के आदेश का अनुपालन नहीं किए जाने के मामले में सोमवार को राज्य सरकार से पूछा है कि पूर्व के आदेश का अनुपालन क्यों नहीं किया गया।

जागेश्वर निवासी रमेश चंद्र जोशी की ओर से दायर जनहित याचिका पर आज न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति आलोक महरा कि खंडपीठ में सुनवाई हुई।

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वर्ष 2013 में उच्च न्यायालय ने जागेश्वर मंदिर के रखरखाव एवं अन्य संबंध में स्वतः संज्ञान लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया था।

इस निर्णय में कहा गया था मंदिर के रखरखाव और संचालन के लिए एक कमेटी का गठन किया जाए जिसमें सदस्य के रूप में सर्वे ऑफ इंडिया का एक सदस्य और शेष सदस्य स्थानीय हो। इनमें से एक सदस्य को राज्यपाल द्वारा मनोनीत हो।

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि 12 साल बीत जाने के बाद भी आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है। मंदिर का प्रबंधन पूर्ववत् है।

याचिकाकर्ता की ओर से उच्च न्यायालय के पूर्व के आदेश का अनुपालन करने और चढ़ावे का ऑडिट करवाने की मांग की गयी है। इस मामले में अगली सुनवाई 30 दिसंबर मुकर्रर की गयी है।

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