जांजगीर-चांपा , फरवरी 01 -- छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में दहशत फैलाने वाले गिरोह का सरगना कल देर रात हुयी पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवरीनारायण और पामगढ़ थाना क्षेत्रों में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान गिरोह का सरगना रामनाथ पुलिस पर देशी कट्टे से फायरिंग कर भागने की कोशिश कर रहा था। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह 27 और 29 जनवरी की दरम्यानी रात जिले के दो थाना क्षेत्रों में पांच अलग-अलग स्थानों पर लूटपाट, गंभीर मारपीट और हत्या के प्रयास जैसी वारदातों को अंजाम दे चुका था। इन घटनाओं में कुल 13 आम नागरिक घायल हुए, जिनमें से दो की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। एक पीड़ित की स्थिति अत्यंत नाजुक है, जो फिलहाल कोमा में है और उसका उपचार बिलासपुर व रायपुर के अस्पतालों में जारी है।
पुलिस ने अब तक गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुठभेड़ में घायल मुख्य आरोपी रामनाथ को भी पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया है। इसके अलावा, इस मामले में दो विधि से संघर्षरत बालकों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त लोहे के रॉड, पाइप, डंडे, बेल्ट, मोटरसाइकिल, स्कूटी, मोबाइल फोन और नकद राशि बरामद की है। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत लगभग चार लाख नौ हजार बताई जा रही है।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी सुनसान इलाकों में मोटरसाइकिल से गश्त करते थे और राहगीरों को रोककर सिर पर जानलेवा हमला कर लूटपाट करते थे। उनका उद्देश्य क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बनाना था।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
जांजगीर चांपा जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के अनुसार मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर शीघ्र ही विस्तृत खुलासा किया जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित