गुवाहाटी/रांची , अप्रैल 02 -- झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने गुवाहाटी में कहा कि ज़ुबीन दा असम की पहचान और भावना से जुड़े हैं, और कांग्रेस यह संकल्प लेती है कि 100 दिनों के भीतर उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
आज गुवाहाटी स्थित असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय, राजीव भवन में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर मीडिया को संबोधित करते हुए राइजोर इस्तेहार (जनता का घोषणा पत्र) जारी किया गया।
इस अवसर पर श्रीमती सिंह ने कहा कि यह घोषणा पत्र केवल एक चुनावी दस्तावेज़ नहीं, बल्कि असम की जनता की आकांक्षाओं, संघर्षों और सपनों का सशक्त प्रतिबिंब है। इसमें गांवों, चाय बागानों, युवाओं, महिलाओं और मेहनतकश वर्ग की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है।
श्रीमती सिंह ने कहा कि कांग्रेस का यह संकल्प पारदर्शी और जवाबदेह शासन, भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई और समावेशी विकास पर आधारित है। घोषणा पत्र में हर परिवार को Rs.25 लाख तक की स्वास्थ्य सुरक्षा, महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण, युवाओं के लिए समयबद्ध रोजगार, किसानों को एमएसपी की गारंटी और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
श्रीमती सिंह ने कहा कि "नतुन बोर असोम" के विज़न के तहत भूमि और पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए एक मजबूत, न्यायपूर्ण और समावेशी असम के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही ग्रामीण और शहरी विकास में संतुलन, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, पर्यावरणीय संतुलन और समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र कल्याण को प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि "ज़ुबीन दा असम की पहचान और भावना से जुड़े हैं, और कांग्रेस यह संकल्प लेती है कि 100 दिनों के भीतर उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।"श्रीमती सिंह ने कहा कि अब असम की राजनीति डर और विभाजन की नहीं, बल्कि विकास, समान अवसर और जनहित की दिशा में आगे बढ़ेगी। कांग्रेस पूरी प्रतिबद्धता, विश्वास और जनसंकल्प के साथ चुनावी मैदान में उतर रही है, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके और असम एक नई दिशा में आगे बढ़े।
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