गुवाहाटी , दिसंबर 12 -- असम पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार को गुवाहाटी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में गायक ज़ुबीन गर्ग की हत्या के मामले में सात आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
एसआईटी की एक टीम शुक्रवार सुबह सीजेएम की अदालत में पहुंची और 3000 से अधिक पन्नों का आरापेपत्र दाखिल किया। एसआईटी ने आरोपपत्र के साथ हजारों सहायक दस्तावेज भी दाखिल किए हैं।
एसआईटी प्रमुख मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने दिन में बाद में मीडिया से बात करते हुए कहा कि सिद्धार्थ शर्मा, श्यामकानु महंत, शेखरज्योति गोस्वामी और अमृतप्रभा गोस्वामी सहित चार आरोपियों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया गया है।
उन्होंने बताया कि अन्य तीन आरोपियों संदीपान गर्ग और दो बॉडीगार्ड परेश बैश्य और नंदेश्वर बोराह पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत गैर इरादतन हत्या, आपराधिक साजिश और विश्वासघात के आरोप लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा, "हमने आज आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। चारों मुख्य आरोपियों पर बीएनएस की धारा 3, 61, 103 और अन्य धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।"असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में रहस्यमय परिस्थितियों में निधन हो गया। असम सरकार ने गायक की मौत की जांच के लिए सीआईडी की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। सरकार ने गर्ग की मौत की न्यायिक जांच भी शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि असम पुलिस की एसआईटी ने अब तक जुबीन गर्ग की मौत से संबंधित मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और 300 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इससे पहले असम विधानसभा में कहा था कि जुबीन गर्ग की मौत एक "स्पष्ट और सीधी" हत्या है। मुख्यमंत्री ने पहले कहा था कि असम पुलिस को जांच के तीसरे दिन से ही यकीन हो गया था कि यह गैर इरादतन हत्या का मामला नहीं है, बल्कि एक "स्पष्ट और सीधी" हत्या है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित