देहरादून , मार्च 18 -- जन संघर्ष मोर्चा (जसंमो) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण मानकों में शिथिलता बरतने और ढील देने की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया। जिस पर उन्होंने गृह सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए।

मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री को बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित चिह्नीकरण मानक काफी जटिल हैं, जिनकी वजह से आज भी प्रदेश में हजारों कर्मठ राज्य आंदोलनकारी चिह्नित होने से वंचित हैं। उन्होंने बताया कि कई आंदोलनकारी सिर्फ सम्मान पाने के लिए चिह्नित होना चाहते हैं न कि पेंशन पाने के लिए। राज्य निर्माण आंदोलन के समय अधिकांश लोगों ने दस्तावेज संभाल कर नहीं रखे और इसके साथ-साथ पुलिस- प्रशासन व अभिसूचना विभाग ने भी खास- खास अथवा चर्चित चेहरों के ही नाम उस समय रिकॉर्ड में रखे। अन्य लोगों के नाम पहचान न होने की वजह से रिकॉर्ड में दर्ज नहीं कर पाए थे। उन्होंने बताया कि चिह्नीकरण से वंचित आंदोलनकारी आज भी चिह्नित होने की आस लगाए बैठे हैं, जिसको पूरा किया जाना बहुत जरूरी है। इससे उनका सम्मान बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने सहानुभूति पूर्वक प्रतिनिधि मंडल की बात सुनकर गृह सचिव को उक्त मामले में विस्तृत कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। श्री नेगी के साथ अमित जैन प्रतिनिधि मंडल में शामिल रहे।

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