जशपुर , अप्रैल 18 -- छत्तीसगढ़ में जशपुर जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक अभिनव और सख्त कदम उठाते हुए सोमवार से जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में हेलमेट अनिवार्य कर दिया है।
यह निर्णय न केवल नियमों के पालन को सुनिश्चित करेगा, बल्कि आमजन में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक मिसाल भी बनेगा। अब कोई भी शासकीय कर्मचारी या आम नागरिक यदि दोपहिया वाहन से बिना हेलमेट कार्यालय परिसर में प्रवेश करता है, तो उस पर चालानी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि जब सरकारी कार्यालयों से ही अनुशासन की शुरुआत होगी, तब समाज में इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा।
इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर रोहित व्यास और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. लाल उमेद सिंह खुद सड़क पर उतरे। दोनों अधिकारियों ने हेलमेट पहनकर बुलेट से शहर का भ्रमण किया और लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश दिया। इस दौरान आम नागरिकों को हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।
कलेक्टर रोहित व्यास ने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल नियम लागू करने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने कहा कि शासकीय कर्मचारियों को अनुकरणीय भूमिका निभानी चाहिए, ताकि आमजन भी प्रेरित हों।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि पुलिस विभाग लगातार सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान चला रहा है और अब इसे और सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्होंने पुलिसकर्मियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं हेलमेट पहनकर उदाहरण प्रस्तुत करें।
नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर यह एक सकारात्मक और जरूरी कदम है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे नियमों का पालन कर अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
जशपुर जिले में शुरू हुई यह पहल अब अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है, जहां सड़क हादसों को रोकने के लिए इस तरह के ठोस कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित