दंतेवाड़ा , फरवरी 28 -- जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों की गति धीमी होने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कार्यालय में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने ग्रामवार योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कई अनुबंध ऐसे हैं, जिनमें 70 प्रतिशत से अधिक का भुगतान हो चुका है, लेकिन कार्य अधूरे पड़े हैं। संबंधित ठेकेदारों को 31 मार्च 2026 तक सभी कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समय सीमा में काम पूरा न करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ऐसे ठेकेदारों को न केवल ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, बल्कि उन्हें जिले के साथ-साथ आसपास के जिलों में होने वाली शासकीय निविदाओं में भाग लेने से भी वंचित कर दिया जाएगा।

समीक्षा के दौरान कुछ ग्रामों में डीपीआर में छूटे गए पारों और टोलों में अतिरिक्त पाइपलाइन बिछाने की आवश्यकता बताई गई। इस पर कलेक्टर ने निरीक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट के साथ प्रस्ताव भेजने को कहा। वहीं, जिन ग्रामों में जल टंकी निर्माण के लिए निविदाओं में ठेकेदार नहीं आ रहे हैं, वहां जीआई स्ट्रक्चर जैसे विकल्पों को शामिल करते हुए योजना पुनरीक्षण के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

जल जीवन मिशन के अलावा, कलेक्टर ने नगर पंचायतों और नगर पालिका के अधिकारियों से शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति और समस्याओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने वर्तमान पेयजल व्यवस्था की स्थिति से अवगत कराया।

बैठक में एनआरएलएम और कौशल विकास के परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे 'हर घर जल' प्रमाणित ग्रामों में योजनाओं के सुचारु संचालन के लिए स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित करें। साथ ही, ग्राम पंचायतों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए जल उपयोगकर्ताओं को एनआरएलएम की विभिन्न गतिविधियों और योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित करने पर जोर दिया गया।

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