गांधीनगर , जनवरी 12 -- जर्मनी के स्टेट सेक्रेटरी स्टिफन राउएनहोफ के नेतृत्व में जर्मन बिजनेस डेलीगेशन ने गुजरात के गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ सोमवार को उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की।

श्री पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की उपस्थिति में आयोजित सीईओ फोरम की सफलता के लिए इस डेलीगेशन को अभिनंदन देने के साथ गुजरात में उनका स्वागत किया। यह डेलीगेशन भारत-जर्मन सीईओ फोरम में सहभागी होने के लिए भारत-गुजरात की यात्रा पर आया है।

डेलीगेशन के सदस्यों ने गुजरात के देश के जीडीपी ग्रोथ में आठ प्रतिशत से अधिक का महत्वपूर्ण योगदान दिए जाने पर प्रभावित होते हुए कहा कि वे विशेषकर एसएमई सेक्टर में बिजनेस एंड इकोनॉमी संबंध बढ़ाने को उत्सुक हैं। मुख्यमंत्री श्री पटेल ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के दिशादर्शन में अब देश के राज्यों के ग्रोथ रेट बढ़ाने की ओर आगे बढ़ने की भूमिका दी और इस संदर्भ में कहा कि जर्मनी के उद्योगों ने गुजरात पर जो भरोसा रखा है, उसे अधिक सुदृढ़ बनाकर आपसी सहयोग से हम अधिक प्रगति कर सकेंगे।

उन्होंने इस बैठक में चर्चाओं के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री जर्मनी के साथ विश्वसनीय मित्र के रूप में आगे बढ़ना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में गुजरात एवं जर्मनी के औद्योगिक संबंधों को अधिक गहराईपूर्वक तथा दीर्घावधि के लिए विकसित कर गुजरात में जर्मन कंपनियों के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को अधिक वेग मिले; ऐसी हमारी मंशा है।

जर्मन स्टेट सेक्रेटरी श्री स्टिफन राउएनहोफ ने चर्चा के दौरान कहा कि जर्मनी अपनी सप्लाई चेन डाइवर्सीफाई करना चाहता है, जिसमें गुजरात को उसकी पसंद बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स, प्रोडक्शन स्ट्रक्चर एवं इकोनॉमिक फ्रेमवर्क में विद्यमान चुनौतियों का हल होना अपेक्षित है। उन्होंने जोड़ा कि गुजरात एनर्जी सेक्टर में अग्रसर है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी ग्रिड तथा स्टोरेज की जर्मन टेक्नोलॉजी की एक्सपर्टीज का सहयोग मिल सकता है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में जर्मन उद्योगों के निवेशों को अधिक सुविधापूर्ण बनाने के लिए हेल्प डेस्क शुरू करने के दिशानिर्देश भी दिए। उनहोंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विकसित भारतएट2047 का जो विजन दिया है, उसमें गुजरात लीड लेने को सज्ज है। 2030 तक 100 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन के लक्ष्य के साथ-साथ विकसित गुजरातएट2047 का रोडमैप तैयार कर छह रीजनल ग्रोथ हब तथा वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस से जिला स्तर पर फोकस सेक्टर भी तैयार किए गए हैं। इतना ही नहीं, श्री मोदी ने गुजरात को पॉलिसी ड्रिवन स्टेट के रूप में विशिष्ट पहचान दिलाई है। हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी, आईटी पॉलिसी, ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी आदि सेक्टर स्पेशिफिक पॉलिसीज का लाभ लेकर जर्मनी के उद्योग स्वयं के अनुकूल सेक्टर्स में गुजरात के साथ सहभागिता कर सकते हैं।

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