बेंगलुरु , जनवरी 13 -- जर्मन फेडरल चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ भारत के अपने दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर मंगलवार को बेंगलुरु पहुंचे।

श्री मर्ज की यात्रा का उद्देश्य आर्थिक , प्रौद्योगिकी और रणनीतिक क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करना है।

श्री मर्ज का केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पहुंचने पर कर्नाटक के उद्योग मंत्री एमबी पाटिल और राज्य और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान हवाईअड्डा और उसके आसपास कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे।

जर्मन चांसलर के बेंगलुरु दौरे के दौरान तकनीकी , मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों से मिलने की उम्मीद है। इन मुलाकातों का मकसद आधुनिक और उन्नत विनिर्माण तकनीकें, स्वच्छ ऊर्जा और नवाचार से चलने वाले उद्यम जैसे क्षेत्रों में भारत-जर्मनी के बीच सहयोग को और गहरा करना है। कर्नाटक भारत में जर्मन निवेश के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक बना हुआ है और कई जर्मन कंपनियां राज्य में कार्यशील हैं।

श्री मर्ज़ का बेंगलुरु दौरा गुजरात में के बाद हो रहा है और नयी दिल्ली में उनकी तय मुूलाकातों से पहले हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बातचीत भी शामिल है। बातचीत में आपसी व्यापार और निवेश संबंधों को मज़बूत करने, प्रस्तावित यूरोपीय संघ -भारत मुक्त व्यापार समझौतों तरक्की, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, और मोबिलिटी और कौशल साझेदारी पर फोकस रहने की उम्मीद है। उनके दौरे को भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है, जो आर्थिक विकास, तकनीकी सहयोग और वैश्विक रणनीतिक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बढ़ते तालमेल को दिखाता है।

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