शिमला , मार्च 27 -- हिमाचल प्रदेश में विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने शुक्रवार को राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बढ़ते नशे के खतरे को रोकने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया।

श्री ठाकुर ने गृह विभाग के कटौती प्रस्ताव पर राज्य विधानसभा में कहा कि सरकार ने ड्रग तस्करों के प्रति 'अनावश्यक ढील' दिखाई है, जिसके परिणामस्वरूप ओवरडोज के कारण 66 मौतें हुई हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान राज्य में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 6,240 मामले दर्ज किए गए हैं, जो नशीले पदार्थों के खतरनाक प्रसार को दर्शाता है।

विपक्ष के नेता ने कहा, "सख्त कार्रवाई करने के बजाय, सरकार वॉकथॉन और रैलियां कर रही है।" उन्होंने विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के चार कर्मियों की गिरफ्तारी के बाद इसकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। श्री ठाकुर ने वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए सवाल किया कि उन्हें किसने नियुक्त किया। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि पूरे राज्य में 1,534 लोग लापता हैं।

हाल की घटनाओं पर प्रकाश डालते हुए श्री ठाकुर ने बिलासपुर में एक पूर्व विधायक के होटल में गोलीबारी और एक अदालत परिसर के भीतर एक पूर्व विधायक पर हमले का उल्लेख किया। उन्होंने हमलावरों के कुख्यात अपराधी तत्वों के साथ संबंध होने का आरोप लगाया।

विपक्ष के नेता ने एक मीडिया सलाहकार के बेटे के अपहरण के प्रयास, स्कूल गेट से बीसीएस छात्र के अपहरण, 20 नवंबर के बम विस्फोट और शूलिनी विश्वविद्यालय के पास गोलीबारी की घटनाओं का भी हवाला दिया।

श्री ठाकुर ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग और अन्य अंतरराष्ट्रीय गिरोहों की धमकियों ने निवासियों के बीच डर पैदा कर दिया है। आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि दो वर्षों में दवाओं के 1,855 नमूने परीक्षण पर खरे नहीं उतरे, साथ ही हत्या के 241 मामले और बलात्कार के 111 मामले सामने आए।

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