जयपुर , दिसंबर 14 -- राजस्थान में जयपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट चेकिंग स्टाफ की सतर्कता से फर्जी यूटीएस टिकट के माध्यम से यात्रा करने का एक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
रेलवे के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार गांडी संख्या 12250 से जैसलमेर से जयपुर की यात्रा कर रहे सात यात्रियों के एक समूह को जांच के दौरान पकड़ा गया। जांच के दौरान टिकट चेकिंग स्टाफ़ हेमराज गुर्जर और दीपक कुमार द्वारा टिकट मांगा गया तो यात्रियों ने मोबाइल फोन पर यूटीएस टिकट दिखाया और बताया कि मूल टिकट उनके पास नहीं है, बल्कि वह उनके एक अन्य साथी के पास है जो स्टेशन से पहले ही उतरकर चला गया है।
मोबाइल पर दिखाए गए टिकट में सात वयस्क यात्रियों का विवरण दर्ज था, जिससे स्टाफ को प्रथम दृष्टया संदेह हुआ, क्योंकि अनारक्षित टिकट केवल चार यात्रियों के लिए जारी होता है। कड़ाई से पूछताछ करने पर यात्रियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने एआई टूल "जेमिनी" की मदद से टिकट में यात्रियों की संख्या और राशि में हेरफेर की है। मामले की पुष्टि के लिए जैसलमेर स्टेशन के स्टाफ से टिकट विवरण का मिलान करने पर पता चला कि यूटीएस टिकट केवल एक यात्री के लिए जारी किया गया था, जिसकी कीमत 215 रुपए थी। पकड़े गए यात्रियों ने इस टिकट की फ़ोटो लेकर डिजिटल रूप से बदलकर सात यात्रियों का टिकट दर्शाया और राशि 1505 रुपए दिखा दी। यह स्पष्ट रूप से रेलवे के साथ धोखाधड़ी का प्रयास था।
रेलवे नियमों के अनुसार कार्रवाई करते हुए सभी सात यात्रियों पर संयुक्त रूप से 2790 रुपए का जुर्माना लगाया गया तथा क़ानूनी कार्रवाई करने की प्रक्रिया की जा रही है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि एआई या किसी भी डिजिटल माध्यम से टिकट में छेड़छाड़ करना दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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