जयपुर , जनवरी 19 -- राजधानी जयपुर में आयोजित जयपुर साहित्य उत्सव 2026 में आखिरी दिन सोमवार को राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) की ग्रामीण महिलाओं की आवाज गूंजी और इस दौरान आयोजित 'किंवदंती: मिथकों के पीछे की असली महिलाएं' सत्र में महिला सशक्तिकरण पर चर्चा हुई।
इस दौरान प्रतिष्ठित इतिहासकार जनीना रामिरेज़ और पत्रकार एवं लेखिका नारायणी बसु के बीच गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत राजस्थान ग्रामीण विकास विभाग dh अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रेया गुहा ने की और श्रीमती श्रेया गुहा ने अपने संबोधन में राजीविका के उद्देश्यों और नवाचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने राजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की परिवर्तनकारी यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि ये महिलाएं जमीनी स्तर पर सशक्तिकरण, जुझारूपन और नेतृत्व की मिसाल पेश कर रही हैं।
इस सत्र में राजीविका की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों के साथ शिरकत की। संवाद के दौरान ऐतिहासिक वृत्तांतों को समकालीन वास्तविकताओं से जोड़ते हुए महिलाओं के दृष्टिकोण को प्रमुखता से रखा गया, जिसने महिला नेतृत्व वाले विकास की प्रासंगिकता को और अधिक सुदृढ़ किया।
उत्सव में टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजय के. रॉय ने भी राजीविका की महिलाओं से मुलाकात की। उन्होंने महिलाओं के आत्मविश्वास और उनके द्वारा समाज में लाए जा रहे सकारात्मक बदलाव की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। जयपुर साहित्य उत्सव 2026 में राजीविका की इस भागीदारी ने वैश्विक मंचों पर ग्रामीण महिलाओं की आवाज़ को बुलंद करने और उनके अनुभवों को मुख्यधारा की बौद्धिक चर्चाओं का हिस्सा बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया है।
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