जयपुर , जनवरी 16 -- राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित जयपुर साहित्य उत्सव (जेएलएफ) का दूसरा दिन बुद्धि और रचनात्मक अभिव्यक्ति की समृद्ध खोज को समर्पित रहा।
उत्सव में शुक्रवार को प्रमुख सत्र में अमन नाथ की पहली पुस्तक ओल्डर, बोल्डर का विमोचन किया गया, इस पुस्तक का विमोचन संजॉय के. रॉय और कलाकार ज़ीनत अमान ने किया। किताब के बारे में अमन नाथ ने कहा, "मेरी किताब उन चेहरों को समर्पित है जिन्हें मैंने प्यार किया और छोड़ा, और उन चेहरों को जिन्हें मैंने प्यार किया पर कभी जान नहीं पाया।" किताब के बारे में बात करते हुए ज़ीनत अमान ने कहा, "अगर आप किताब को पढ़ेंगे, तो आप पाएंगे कि उन्होंने अपने सफर के वर्षों में कविता और गद्य में बहुत से अलग-अलग विषयों पर बात की है।"दूसरे दिन की शुरुआत भोपा समुदाय की भँवरी देवी के मॉर्निंग म्यूज़िक से हुई, जिनके आत्मीय लोकगीत ने राजस्थान की समृद्ध परंपराओं का अहसास कराया। इसके बाद फ़ेस्टिवल का पहले सत्र लाइटनिंग किड में वर्ल्ड चेस चैंपियन विश्वनाथन आनंद से राहुल भट्टाचार्य ने संवाद किया। सत्र में आनंद के शानदार करियर, वैश्विक शतरंज परिदृश्य में उनकी रणनीतिक सफलता और उनकी नवीनतम पुस्तक लाइटनिंग किड के पीछे की व्यक्तिगत प्रेरणाओं पर चर्चा हुई। अपनी किताब और सत्र में उन्होंने अपने करियर और जीवन पर अपनी मां के प्रभाव को स्वीकार किया और इसे मनोरंजक, कहानी की शैली में प्रस्तुत किया है। आनंद ने अपने सफर के उन हिस्सों पर भी बात की है जिन पर अक्सर बात नहीं हो पाती, जैसे प्रशिक्षण, दबाव और असफलताओं के अनुभव भी साझा किए।
द फिलैंथ्रॉपी पैराडॉक्स में हमारे समय की वास्तविकताओं पर बातचीत हुई, जिसमें एस्टर डूफलो, सिद्धार्थ शर्मा, वैभव बुधराजा और कांता सिंह ने नौशाद फोर्ब्स के साथ चर्चा की। पैनल ने परोपकार के उद्देश्य और लक्ष्य के साथ एक उद्योग के रूप में इसकी सफलता की कहानियों, सरकार, एनजीओ और निजी ट्रस्ट के जटिल संबंधों तथा महिलाओं द्वारा परोपकारी दुनिया में योगदान की सीमाओं पर बात की।
द ट्रेवल सेशन में जेफ़ डायेर, लिस डूसेट, नोआ अविशाग श्नाल और पल्लवी अय्यर ने मोनिशा राजेश के साथ सत्र में अपनी हालिया प्रकाशित किताबों से कुछ हिस्से पढ़कर सुनाए और यात्रा लेखन की वास्तविक भूमिका पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। प्रत्येक लेखक ने यह समझाया कि यात्रा लेखन केवल आत्मकथा नहीं है, बल्कि यह उस वातावरण और यात्रा के अनुभव का भी दिखाता है जिसमें लेखक स्वयं को रखता है।
प्रसिद्ध ब्रिटिश अभिनेता स्टीफन फ्राय ने भाषा, बुद्धिमत्ता और बौद्धिक जिज्ञासा पर अनिश गवांडे के साथ व्यापक संवाद किया। सत्र ए बिट ऑफ फ्राय में फ्राय के जीवन का चित्रण हुआ, उनके कठिन बचपन से लेकर ब्रिटेन के सबसे प्रिय लोकप्रिय हस्ती बनने तक, शब्दों के प्रति उनके प्रेम ने उन्हें वह आधार दिया जिससे वह इस मक़ाम तक पहुँचे।
फ्राय ने भाषा को मुक्ति का माध्यम बताया। उन्होंने अपने हास्य पर ऑस्कर वाइल्ड के प्रभाव पर बात की साथ ही पहचान, रचनात्मकता, शर्म, सोशल मीडिया और विचारों तथा परंपराओं की स्थाई शक्ति पर भी चर्चा की।
दर्शकों ने द लॉस्ट हीर: वुमन इन कॉलोनियल पंजाब सत्र में भाग लिया, जिसमें हरलीन सिंह ने ब्रिटिश पत्रकार अनिता आनंद के साथ बातचीत की। सिंह ने अपनी नवीनतम पुस्तक द लॉस्ट हीर: वुमन इन कॉलोनियल पंजाब के बारे में बताया और कहा कि वह पंजाब की महिलाओं के इतिहास को लिखना चाहते थे क्योंकि यह पर्याप्त रूप से लिखित में मौजूद नहीं है। किसी भी प्रस्तुति में महिलाओं को औपनिवेशिक दृष्टिकोण से देखा गया था-सैनिक महिला के रूप में-और अनुभवों के स्त्री-अनुभवों को प्राय: नजरअंदाज किया गया। सिंह ने कहा, "सामान्य महिलाओं का इतिहास लोककथाओं, व्यंजनों और संयोगवश देखी गई तस्वीरों में मिलता है; कुल मिलाकर ये जहां-तहां बिखरी हुई हैं।" उन्होंने बताया कि किताब का शीर्षक उन्होंने बहुत सोच-समझकर रखा क्योंकि हीर उनके लिए पारंपरिक पंजाबी महिला का प्रतीक है।
ब्रह्मांड की उत्पत्ति पर एक महत्वपूर्ण सत्र गॉड पार्टिकल: द स्टोरी ऑफ एवरीथिंग में वैज्ञानिक अर्चना शर्मा और एस्ट्रोफिजिसिस्ट गेरेंट लुईस ने मार्कस डु साउटॉय के साथ बातचीत की। अर्चना शर्मा ने कहा, "आज की हर खोज कल के लिए उत्प्रेरक है।" उन्होंने कहा कि 'गॉड' पार्टिकल, जिसे आधिकारिक रूप से हिग्स बोसोन पार्टिकल कहा जाता है, ब्रह्मांड का मौलिक कण है जो अन्य मौलिक कणों को द्रव्यमान देता है। दोनों वैज्ञानिकों ने मानवता के भले के लिए गणित के उपयोग की योजनाओं पर चर्चा की।
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