जयपुर , फरवरी 09 -- राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया गया जिनमें सनातन संस्कृति, धर्म, आस्था और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला।

इस दौरान ब्रह्मपुरी बस्ती स्थित वीर हनुमान मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और राष्ट्रीय चेतना के भाव के साथ सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्वाह्न ग्यारह बजे भव्य कलश यात्रा से हुआ।

आयोजन समिति के अध्यक्ष और नहर के गणेश जी मंदिर के महंत पंडित जय कुमार शर्मा सहित आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने मातृशक्ति को सिर पर प्रधान कलश धारण कराकर यात्रा का शुभारंभ किया। 501 महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर, डीजे पर गूंजते भजनों और "जय श्रीराम" के उद्घोष के साथ रवाना हुई। कलश यात्रा के आगे वीरांगनाओं और महापुरुषों के वेश में बालक-बालिकाएं हाथों में तलवार और भाले लेकर चल रहे थे वहीं पुरुष शुभ्र वस्त्रों में भगवा साफा धारण कर हाथों में भगवा ध्वज लिए चल रहे थे।

मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर हिन्दू समाज ने यात्रा का स्वागत किया जिससे पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और सनातन चेतना से सराबोर नजर आया। कलश यात्रा के पश्चात वीर हनुमान मंदिर परिसर में अपराह्न दो बजे हिन्दू सम्मेलन का आयोजन हुआ। वेद स्वाध्याय पीठ के विद्यार्थियों ने सस्वर स्वस्ति वाचन किया। सम्मेलन में वीर रस के राष्ट्रीय कवि डॉ. अभिषेक अमर, अमित आजाद और नवीन कानूनगो ने अपनी ओजस्वी कविताओं से धर्म, राष्ट्र और सनातन मूल्यों की अलख जगाई।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि आचार्य राजेश्वर ने भारत की प्राचीन सनातन संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक मूल्यों पर प्रकाश डाला।

इसी तरह मुरलीपुरा स्थित शिव नगर बस्ती में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं सामाजिक समरसता के वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस सम्मेलन में लगभग 1500 महिलाओं एवं 250 पुरुषों की भागीदारी रही। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दो भव्य कलश यात्राओं का मिलन रहा, जिसने पूरे क्षेत्र में धर्ममय वातावरण बना दिया गया।

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