जयपुर , मार्च 09 -- राजस्थान की राजधानी जयपुर में जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान के तहत करीब 30 करोड़ की 15 बीघा बेशकीमती भूमि सहित तीन स्थानों से अवैध निर्माण हटाए गये हैं।

जेडीए की मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन शिल्पा चौधरी ने बताया कि आयुक्त सिद्धार्थ महाजन के निर्देशानुसार जोन-12 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित ग्राम माचवां, जिला जयपुर के खसरा नं. 457/1077 मे करीब 1.5 बीघा बेशकीमती सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाये गये कमरा, टीनशेडनुमा संरचना, बाउण्ड्रीवाल, अन्य सामान डालकर अतिक्रमण किये जाने की सूचना प्राप्त होने पर किये गये अतिक्रमण को प्रवर्तन अधिकारी जोन-12 की मौजूदगी में आज जोन-12 के राजस्व एवं तकनीकी स्टॉफ, की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मशीन मजदूरों की सहायता से हटवाया जाकर बेशकीमती सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन प्रकोष्ठ द्वारा शनिवार को जेडीए की योजना 'देव विहार' के खसरा नंबर 748 में स्थित करीब 15 बीघा बेशकीमती सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस भूमि पर अतिक्रमियों द्वारा कच्चे-पक्के मकान, टीनशेड, लेटबाथ, बाउंड्रीवाल, झुग्गी-झोपड़ियां, छप्परपोश, सीमेंट के पिल्लर गाड़कर तारबंदी और कांटों की बाड़ लगाकर तथा मिट्टी के बर्तन एवं भट्टियां रखकर अवैध कब्जा कर लिया गया था। जेडीए के राजस्व व तकनीकी स्टाफ की निशानदेही पर प्रवर्तन दस्ते ने जेसीबी मशीनों एवं मजदूरों की सहायता से इन सभी अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया। जेडीए अधिकारियों के अनुसार, मुक्त कराई गई इस बेशकीमती सरकारी भूमि की अनुमानित कीमत करीब 30 करोड़ रुपए आंकी गई है।

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