जयपुर , मार्च 21 -- राजस्थान में जयपुर जिले के ऐतिहासिक शाहपुरा में शनिवार को रावल मोटी महल परिसर में आयोजित गणगौर महोत्सव पूरे हर्षोल्लास, श्रद्धा और सांस्कृतिक वैभव के साथ मनाया गया।

यह आयोजन रानी रत्ना कुमारी फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा राजस्थान पर्यटन विभाग के सहयोग से किया गया, जिसमें विभिन्न पर्यटन एवं आतिथ्य संगठनों का सहयोग रहा। इसमें स्पेन, इंग्लैंड एवं फ्रांस सहित विभिन्न देशों से आये विदेशी पर्यटकों ने भी भाग लिया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में डाइकिन एसी इंडिया प्रा. लि. के क्षेत्रीय प्रमुख अरुण वधावन शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक गणगौर शोभायात्रा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, घुड़सवारी प्रदर्शन एवं पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया। कौशल विकास के क्षेत्र में आरआरकेएफ एवं डाइकिन के बीच हुए एमओयू को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया, जिसके तहत युवाओं को प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर प्रदान किये जाएंगे। महोत्सव के अंतर्गत रानी रत्ना कुमारी फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित 'सशक्तिकरण अभियान' को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया, जिसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को प्रोत्साहित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

इस पहल के तहत छाबड़ी एवं टोकरी निर्माण, मिट्टी के बर्तन, लोहे के उपकरण, जूतियां एवं मोजड़ी, मनियारी सामान तथा लाख की चूड़ियों जैसे पारंपरिक हुनरों को मंच प्रदान किया गया। महोत्सव में इन कारीगरों के कार्यों की प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए विशेष स्टॉल लगाये गये, जिससे उन्हें न केवल पहचान मिली बल्कि रोजगार के नये अवसर भी प्राप्त हुए।

यह पहल 'स्थानीय खरीदें, कारीगरों को आगे बढ़ाएं' के संदेश को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है और पारंपरिक कला को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय कारीगरों को मंच प्रदान करते हुए 'हुनर से रोज़गार' की अवधारणा को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत किया गया।

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