जम्मू , जनवरी 20 -- जम्मू- कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि जम्मू को कश्मीर से अलग नहीं किया जा सकता और वह ऐसे किसी भी व्यक्ति का समर्थन नहीं करते जो इस विचार का समर्थन करता है।

जम्मू प्रांत के प्रखंड अध्यक्षों और सचिवों के सम्मेलन के दूसरे दिन यहां संवाददाताओं से बात करते हुए डॉ. अब्दुल्ला ने कहा, "जो लोग जम्मू क्षेत्र को कश्मीर से अलग करने की वकालत कर रहे हैं, वे मूर्ख और अज्ञानी हैं। लद्दाख को बांटने के बाद क्या मिला और एक दिन यह फिर से जम्मू- कश्मीर के साथ एकजुट हो जाएगा। पीर पंजाल और चिनाब घाटी को स्वायत्तता देने की बात भी डिक्सन योजना का हिस्सा है, जिसे हमने खारिज कर दिया था।"उन्होंने बताया कि सर ओवेन डिक्सन एक ऑस्ट्रेलियाई जज थे जिन्हें 1950 में कश्मीर मुद्दे का समाधान सुझाने के लिए नियुक्त किया गया था। डिक्सन एक योजना लेकर आए थे जिसमें लद्दाख को भारत को देने, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, गिलगित और बाल्टिस्तान सहित पाकिस्तान के पास रहने देने , कश्मीर घाटी में स्वतंत्रता के विकल्प के बिना जनमत संग्रह कराने और जम्मू को धार्मिक आधार पर विभाजित किये जाने की बात कही गयी थी।

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