श्रीनगर , मार्च 31 -- जम्मू-कश्मीर में पुलवामा की एक भ्रष्टाचार विरोधी अदालत ने मंगलवार को 28 साल पुराने भ्रष्टाचार मामले में पांच लोगों को दोषी ठहराया, जिसमें एक महिला की पहचान फर्जी सरकारी नियुक्ति की लाभार्थी के रूप में हुई है।

पुलवामी की भ्रष्टाचार विरोधी न्यायालय के विशेष न्यायाधीश डॉ. नूर मोहम्मद मीर ने तत्कालीन सतर्कता संगठन कश्मीर (अब एसीबी) द्वारा 1998 में दर्ज एक मामले में आरोपी को दोषी ठहराया जिसमें पुलवामा के गोरिपोरा स्थित सरकारी हाई स्कूल में हमीदा अख्तर की फर्जी नियुक्ति कराने का आरोप था।

अदालत ने गुलाम मोहम्मद शेख, बशीर अहमद शाह, सैयद शौकीन अंद्राबी, मोहम्मद अशरफ खान और हमीदा अख्तर को जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आरपीसी की जालसाजी, धोखाधड़ी एवं आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के अंतर्गत दोषी ठहराया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, अधिकारियों और अन्य लोगों की आपराधिक साजिश द्वारा फर्जी नियुक्ति की गई थी, जिसके बाद 1998 में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के बाद, 2000 में आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

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