श्रीनगर , अप्रैल 09 -- जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों को मजबूत करने के लिए, सेना के उत्तरी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने केंद्र शासित प्रदेश में उभरती सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए संयुक्त नियंत्रण केंद्रों की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
सेना ने कहा कि बैठक में गतिशील सुरक्षा परिदृश्य का आकलन करने और आतंकवाद विरोधी तंत्र की प्रभावशीलता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
सेना की उत्तरी कमान ने एक्स पर कहा, "खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने और एक मजबूत आतंकवाद विरोधी नेटवर्क के लिए संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों के साथ केंद्रित एवं विचारपूर्वक चर्चा की गई।"अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय एवं परिचालन तालमेल बढ़ाने के लिए साप्ताहिक संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठकों को संस्थागत रूप दिया है। इन बैठकों में जम्मू-कश्मीर के दोनों क्षेत्रों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं, जिससे विभिन्न बलों को एक एकीकृत ढांचे के तहत लाया जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि इन सत्रों के दौरान विचार-विमर्श में खुफिया जानकारी साझा करना, संयुक्त परिचालन तत्परता में सुधार करना, अंतर-एजेंसी समन्वय को परिष्कृत करना और समग्र आतंकवाद-विरोधी तंत्र को मजबूत करना शामिल है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इन बैठकों में जमीनी स्तर पर तैनात अधिकारियों से व्यवस्थित प्रतिक्रिया और सुझाव प्राप्त किए जाते हैं।
अधिकारियों ने कहा कि साप्ताहिक समीक्षा बैठकों से चल रहे अभियानों की प्रभावशीलता में उल्लेखनीय वृद्धि होने और पूरे क्षेत्र में अधिक समन्वित एवं मजबूत सुरक्षा प्रतिक्रिया सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
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