जमुई, मार्च 25 -- बिहार में जमुई जिले की विशेष अदालत ने नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले में तीन आरोपियों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

बच्चों का लैंगिक अपराध से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के विशेष न्यायाधीश महेश्वर दुबे ने मंगलवार को नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले में तीन आरोपियों को जीवन पर्यन्त आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।दोषियों में मोहम्मद इमरान उर्फ चंद, मोहम्मद आफताब अंसारी और मोहम्मद सद्दाम हुसैन शामिल हैं। अदालत ने दो महीने के अंदर त्वरित सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है।

इस मामले में एक दिसंबर 2025 को जमुई के अलीगंज बाजार से 15 साल की नाबालिग लड़की लापता हो गई थी।इसके बाद परिवारवालों ने थाने में बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज करायी थी। करीब 23 दिन बाद, 24 दिसंबर 2025 को पुलिस ने लापता लडकी को कटिहार के एक बंद कमरे से बरामद किया था। इस दौरान लड़की पूरी तरह से बेहोशी हालत में मिली थी।पुलिस ने तुरंत उसे अस्पताल में भर्ती कराया। एक सप्ताह तक चले इलाज के बाद लड़की स्वस्थ्य हुई। इसके बाद उसे उसके घर पर लाया गया और पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया था।

इस मामले में 17 जनवरी 2026 को पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया और न्यायालय ने 22 जनवरी को संज्ञान लेने के साथ 27 जनवरी से सुनवाई शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से पत्र भेजकर पॉक्सो अदालत से इस जघन्य कांड का शीघ्र निष्पादन करने का आग्रह किया था, जिसके बाद अदालत ने त्वरित सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है।

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