पटना , जनवरी 19 -- कृषि एवं बागवानी को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से बिहार के जमुई जिले के किसानों को अंतरराज्यीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इसी क्रम में 31 जनवरी को जिले के 20 किसानों का दल केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ जायेगा, जहां उन्हें पुराने फलों के बागों के वैज्ञानिक जीर्णोद्धार और आधुनिक बागवानी तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा।

वहीं, 19 जनवरी से 20 किसानों का एक दल आईसीएआर-आईएआरआई, हजारीबाग में प्राकृतिक खेती का पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है, जिससे रसायन मुक्त खेती और मृदा स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलेगा। इससे पूर्व उन्नत बकरी पालन के लिये किसानों को आईसीएआर की ओर से केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान मखदूम, मथुरा में प्रशिक्षण दिया गया, जबकि सब्जी उत्पादन को लाभकारी बनाने के लिये भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी में और दलहन उत्पादकता बढ़ाने के लिये भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर में प्रशिक्षण-सह-परिभ्रमण कराया जा चुका है।

इस संबंध में कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि के आधुनिकीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के तहत आत्मा, जमुई की ओर से संचालित इस अंतरराज्यीय प्रशिक्षण कार्यक्रम से प्रशिक्षित किसान अपने क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों का प्रसार कर अन्य किसानों के लिये प्रेरणा बनेंगे।

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