जमुई , फरवरी 04 -- बिहार के जमुई रेल थाना पुलिस (जीआरपी) ने चार नाबालिग बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों के हवाले कर दिया है।

सभी बच्चे झारखंड के गोड्डा जिले स्थित सरस्वती शिशु मंदिर आवासीय विद्यालय, पुरैयाहाट के छात्र हैं, जिन्हें संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रेन से बरामद किया गया था।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात जीआरपी की स्कॉट टीम ट्रेन संख्या 3207 जसीडीह- पटना एक्सप्रेस में नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान चार बच्चे अकेले, डरे और घबराई हुई स्थिति में मिले। पुलिस की ओर से पूछताछ करने पर उनकी पहचान आलोक कुमार (12), विवेक कुमार (12), आयुष कुमार (10) और अनूप साही (10) के रूप में हुई है।

बच्चों ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से सरस्वती शिशु मंदिर, पुरैयाहाट में आवासीय छात्र के रूप में पढ़ाई कर रहे हैं और प्रति माह 2000 रुपये हॉस्टल शुल्क देते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे सुबह करीब 8 बजे स्कूल से निकले थे और पुरैयाहाट से हंसडीह होते हुये गोड्डा, जसीडीह और फिर जमुई पहुंच गये।

पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि उन पर नाली सफाई और चोरी से जुड़े आरोप लगाये गये थे। बच्चों का कहना था कि उन्होंने कोई चोरी नहीं की थी, बल्कि जमीन पर गिरे 500 रुपये उठाकर स्कूल के शिक्षक को सौंप दिये थे। वहीं विद्यालय संचालक लालदेव यादव का आरोप है कि बच्चों ने चोरी की थी और इसी डर से वे वहां से भाग गये।

मामले की गंभीरता को देखते हुये जमुई जीआरपी ने तत्परता दिखाते हुये परिजनों से संपर्क किया। सभी आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुधवार सुबह चारों मासूम बच्चों को सकुशल उनके परिवार को सौंप दिया गया।

इस संबंध में जीआरपी थाना अध्यक्ष मनोज कुमार देव ने बताया कि बच्चों को जसीडीह- पटना एमयू ट्रेन से बरामद किया गया था और पूरी कानूनी प्रक्रिया के बाद उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

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