रांची , जनवरी 16 -- झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में आयोजित दो दिवसीय बजट-पूर्व गोष्ठी के दूसरे एवं अंतिम दिन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव एवं विचार प्रस्तुत किए।
गोष्ठी के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि अबुआ दिशाेम बजट 2026-27 राज्य की जनता के हितों को केंद्र में रखकर तैयार किया जा रहा है। यह बजट मजबूत, दूरदर्शी और जनकल्याण को प्राथमिकता देने वाला होगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की माँग की।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ अंसारी ने कहा कि वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग का बजट लगभग Rs.5500 करोड़ है, जिसे बढ़ाकर Rs.11000 करोड़ किया जाना अत्यंत आवश्यक है। झारखंड खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य होने के बावजूद यहाँ का स्वास्थ्य बजट देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। बजट की कमी के कारण कई महत्वपूर्ण योजनाएँ लंबित रहती हैं, जिससे आम जनता को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हो पातीं।
डॉ अंसारी ने कहा कि बीमारी की स्थिति में लोगों को तुरंत इलाज, आधुनिक अस्पताल, हाईटेक लैब, विशेषज्ञ चिकित्सक और उन्नत तकनीक की आवश्यकता होती है। संसाधनों की कमी के कारण इलाज में देरी होती है, जिससे जान-माल की क्षति होती है। यह स्थिति अब स्वीकार्य नहीं है।
डॉ. अंसारी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय स्वास्थ्य विभाग के पास न तो कोई स्पष्ट रोडमैप था और न ही कोई दीर्घकालिक विजन। उनके कार्यकाल में धरातल पर ठोस कार्य हो रहे हैं और आने वाले दिनों में राज्य में- नए अस्पतालों का निर्माण, मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, हाईटेक लैब की स्थापना, सदर अस्पतालों का डिजिटाइजेशन, मेडिकोज़ सिटी की स्थापना, रिम्स का आधुनिकीकरण, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की स्थापना, राज्य में रिम्स-2 की स्थापना, हेल्थ कॉटेज की स्थापना, ब्रेस्ट कैंसर सहित विभिन्न कैंसरों की स्क्रीनिंग हेतु हाईटेक मशीनें, एआई आधारित आधुनिक चिकित्सा उपकरण,राज्य के अस्पतालों में रोबोटिक तकनीक का विस्तार, जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएँगे।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के बजट पर चर्चा करते हुए डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वर्तमान Rs.2800 करोड़ के बजट को बढ़ाकर Rs.3000 करोड़ किया जाना चाहिए। यह विभाग सीधे आम जनता से जुड़ा हुआ है, इसलिए पीडीएस प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता, विशेषकर आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में, को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। सस्ता पाम ऑयल स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है, जिससे लिवर, किडनी और हृदय रोग का खतरा बढ़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए पीडीएस के माध्यम से सरसों तेल (मस्टर्ड ऑयल) उपलब्ध कराने हेतु बजट में विशेष प्रावधान किया जाना चाहिए। साथ ही जनता को प्रोटीन युक्त खाद्यान्न-दाल, सोयाबीन, चना, चीनी एवं सरसों तेल-उपलब्ध कराने की भी माँग की गई।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ अंसारी ने स्पष्ट कहा कि यदि राज्य का वास्तविक और समावेशी विकास करना है, तो विभागों को पर्याप्त बजट उपलब्ध कराना अनिवार्य है। केवल योजनाओं की घोषणा से नहीं, बल्कि बजट में ठोस प्रावधान करने से ही जनता को वास्तविक लाभ मिल सकता है।
इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के सचिवगण एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।
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