नयी दिल्ली , फरवरी 02 -- दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि स्वस्थ जनप्रतिनिधि ही सशक्त संस्थानों की नींव होते हैं और बेहतर जनसेवा सुनिश्चित करते हैं।
श्री गुप्ता ने सोमवार को संत परमानंद अस्पताल में दिल्ली विधानसभा के वर्तमान विधायकों के लिए वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। यह स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम सोमवार (02 फरवरी) से शुरू होकर 14 फरवरी तक चलेगा और इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार की वर्तमान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह पहल दिल्ली विधानसभा के सभी सदस्यों के साथ संवाद और सहमति के माध्यम से एक नई शुरुआत के रूप में आरंभ की गई है। उन्होंने कहा कि आज से औपचारिक रूप से वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है जिसके अंतर्गत प्रतिदिन पांच विधायक अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराएंगे।
उन्होंने इस पहल को एक सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को निरंतर जनता के बीच सक्रिय रहना पड़ता है, ऐसे में उनके लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रभावी जनसेवा तभी संभव है जब जनप्रतिनिधि शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सक्षम और भावनात्मक रूप से सकारात्मक हों।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह कार्यक्रम दो सप्ताह तक चलेगा और प्रतिदिन पाँच विधायक उत्साहपूर्वक इसमें भाग लेंगे। उन्होंने विशेष रूप से 40 वर्ष की आयु के बाद नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इस आयु वर्ग में निवारक स्वास्थ्य देखभाल और भी अधिक आवश्यक हो जाती है।
श्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में प्रारंभ किया गया यह स्वास्थ्य परीक्षण जागरूकता अभियान एक अनूठी पहल है। उन्होंने हाल ही में लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय विधानसभा अध्यक्ष सम्मेलन का उल्लेख करते हुए बताया कि वहाँ इस विषय पर चर्चा हुई थी तथा दिल्ली विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने इस पहल की प्रस्तुति दी थी। उन्होंने कहा कि कई राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्षों ने दिल्ली मॉडल में गहरी रुचि दिखाई और कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
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