बैतूल , फरवरी 3 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिला कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सीमांकन, रास्ता और भूमि विवाद से जुड़े प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए तय समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई के दौरान राजस्व, पेंशन, आवास, बिजली-पानी तथा भूमि विवाद से जुड़े दर्जनों आवेदन प्राप्त हुए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया गया, जबकि शेष प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
शाहपुर तहसील के ग्राम मंडई निवासी अंतराम यादव ने सीमांकन नहीं होने की शिकायत की, जिस पर कलेक्टर ने एसडीएम शाहपुर को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आमला तहसील के ग्राम सासाबढ़ निवासी मेघा बाई ने रास्ता विवाद का मामला रखा, जिस पर एसडीएम एवं तहसीलदार आमला को रास्ता खुलवाने के आदेश दिए गए। इसी तरह शाहपुर तहसील के ग्राम भौंरा निवासी बारातीलाल द्वारा जमीन पर कब्जे की शिकायत करने पर शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।
मुलताई के पटेल वार्ड निवासी रिंकी पवार ने रजिस्ट्री के अनुसार रिकॉर्ड दुरुस्त कराने की मांग रखी, वहीं बैतूल निवासी राजेश पवार ने नामांतरण से जुड़े प्रकरण प्रस्तुत किए। ग्राम चिखली खुर्द के अनिल धोटे ने मुआवजा राशि दिलवाने तथा ग्राम महतपुर के सुखदेव ने रिकॉर्ड सुधार की मांग रखी।
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने स्पष्ट कहा कि सीमांकन और रास्ता विवाद जैसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर आमजन को राहत प्रदान की जाए।
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