भोपाल , दिसंबर 18 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पुलिस के बारे में जनसामान्य की धारणा बदलने और जनता से बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए विशेष पहल की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी उपलब्धियों और सकारात्मक गतिविधियों की जानकारी भी जनता और जनप्रतिनिधियों से साझा करे, ताकि पुलिस की छवि भय की नहीं बल्कि विश्वास और सहायता की बने।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुलिस मुख्यालय में आयोजित पुलिस महानिदेशक-महानिरीक्षक सम्मेलन 2025 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की धरती से नक्सलवाद को उखाड़ फेंकने के लिए पुलिस बल को बधाई दी और शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और जनकल्याण की गतिविधियां इस प्रकार संचालित की जाएं, जिससे नक्सलवाद दोबारा पनप न सके।
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने प्रभार क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण जैसी गतिविधियां तत्काल प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज जहां एक सशक्त माध्यम है, वहीं यह गंभीर चुनौती भी बन चुका है। अफवाहों और भ्रामक सामग्री पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस बल का तकनीकी रूप से दक्ष होना आवश्यक है। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस की सकारात्मक भूमिका को भी सामने लाया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस को मीडिया के माध्यम से भी सक्रिय रहकर बेहतर संवाद स्थापित करना चाहिए। अपराधियों में पुलिस का भय हो, लेकिन आम नागरिकों में भरोसे और सुरक्षा की भावना विकसित होनी चाहिए। इस विश्वास को बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, महिला एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए समाज में अनुकूल वातावरण बनाने तथा पुलिस कर्मियों को अपने व्यवहार और भाषा के प्रति संवेदनशील रहने की सलाह दी।
सड़क सुरक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटनाओं में कमी के लिए जागरूकता और तकनीक दोनों पर समान रूप से कार्य करना होगा। ब्लैक स्पॉट की पहचान कर विशेष रणनीति बनाई जाए, नियमित पेट्रोलिंग, गति नियंत्रण और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों के लिए लागू राहवीर योजना के व्यापक प्रचार के निर्देश दिए। साथ ही ड्राइवरों की आंखों की जांच के लिए विशेष शिविर लगाने और 108 एंबुलेंस चालकों का निजी अस्पतालों से किसी भी प्रकार का गठजोड़ न होने देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा राज्य सरकार और पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। जिन क्षेत्रों में महिलाओं के विरुद्ध अपराध की संभावना अधिक रहती है, वहां विशेष निगरानी, नियमित गश्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। धार्मिक शहरों में लागू शराबबंदी का सख्ती से पालन कराया जाए तथा शराब, दवाओं या रासायनिक पदार्थों के नशे से जुड़े किसी भी अवैध कार्य को बर्दाश्त न किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस प्रशिक्षण, नवाचार और सामाजिक सरोकार की गतिविधियों को बढ़ावा देने, संवेदनशील शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए संबंधित विभागों से समन्वय करने और जनसहभागिता के सफल उदाहरणों को अन्य शहरों में भी साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ के बस्तर ओलंपिक की तर्ज पर प्रदेश में भी जनजातीय संस्कृति के अनुरूप सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित करने को कहा।
सम्मेलन में आतंकवाद विरोधी दस्ते, कानून व्यवस्था, वामपंथी उग्रवाद, पुलिस आधुनिकीकरण, महिला सुरक्षा, सिंहस्थ 2028, साइबर सुरक्षा, तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग तथा फॉरेंसिक गतिविधियों पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतिकरण दिए गए।
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