मुंबई , फरवरी 02 -- उत्पादन और नये ऑर्डरों में मजबूत वृद्धि के दम पर देश के विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार माह-दर-माह आधार पर जनवरी में एक बार फिर बढ़ गयी।

एचएसबीसी द्वारा जारी भारतीय विनिर्माण क्षेत्र का खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई), जो दिसंबर 2025 में 22 महीने के निचले स्तर 55.0 पर रहा था, जनवरी में 55.4 दर्ज किया गया। सूचकांक का 50 से ऊपर रहना क्षेत्र की गतिविधियों में बढ़ोतरी को दिखाता है जबकि इसका 50 से नीचे रहने गिरावट बताता है। वहीं, 50 का स्तर स्थिरता दर्शाता है।

भारत में एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि देश की विनिर्माण कंपनियों ने जनवरी में गतिविधियों में दोबार सुधार देखा। इसके पीछे मुख्य कारक थे - नये ऑर्डरों, उत्पादन और रोजगार में वृद्धि। लागत हल्की बढ़ी है जबकि विक्रय मूल्य में कमी आयी है। इससे उत्पादकों का लाभ अनुपात थोड़ा प्रभावित हुआ है। नये ऑर्डरों पहले के मुकाबले तेज वृद्धि के बाद भी कारोबारी भरोसा सुस्त बना हुआ है और भविष्य में उत्पादन को लेकर उम्मीद जुलाई 2022 के बाद के निचले स्तर पर है।

एचएसबीसी द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में उपभोक्ता उत्पाद का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। वहीं, पूंजीगत वस्तुओं में सबसे धीमा सुधार देखा गया।

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