भोपाल , दिसंबर 17 -- मध्यप्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आज कहा कि जनप्रतिनिधियों को हजारों आंखें देखती हैं और उनका चाल, चरित्र, चेहरा और आचरण बहुत अच्छा होना चाहिए।
श्री विजयवर्गीय राज्य विधानसभा के आज आयोजित हुए विशेष सत्र के दौरान चर्चा की शुरुआत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि विधानसभा बहुत पवित्र स्थल और प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत होती है। ये आठ करोड़ लोगों की आशा का केन्द्र है। राज्य के 230 विधायकों के चाल, चरित्र, चेहरे और आचरण सब लोग देखते हैं। जब पांच साल में चुनाव आता है तो जनता उसका परिणाम दिखाती है।
संसदीय कार्य मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान मध्यप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल से लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के संदर्भ में अपनी बात कही।
श्री विजयवर्गीय ने कहा कि जितने भी राज्य बने हैं, वह भाषा के आधार पर बने हैं, केरल मलयालम, तमिलनाडु तमिल, कर्नाटक कन्नड़ और महाराष्ट्र मराठी भाषा के आधार पर बना है। मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है, जो मिनी इण्डिया है। यहां पूरे देश के लोग रहते हैं, यहां भेदभाव नहीं है। बाकी राज्यों में लोग कहते हैं कि वे बिहारी, महाराष्ट्रियन तमिली हैं, जबकि हमारे यहां कोई नहीं कहता कि वे मध्यप्रदेशी हैं। सब कहते हैं कि वे भारतीय नागरिक हैं।
श्री विजयवर्गीय ने इस दौरान राज्य के सभी मुख्यमंत्रियों पंडित रविशंकर शुक्ल, कैलाशनाथ काटजू, द्वारिकाप्रसाद मिश्रा, गोविन्द नारायण सिंह, राजा नरेश चंद्र, श्यामाचरण शुक्ला, प्रकाश चंद्र सेठी, कैलाश जोशी, वीरेन्द्र कुमार सखलेचा, अर्जुन सिंह, मोतीलाल वोरा, दिग्विजय सिंह, सुंदरलाल पटवा, उमा भारती, बाबूलाल गौर, शिवराज सिंह चाैहान, कमलनाथ और डॉ मोहन यादव की विशेषताओं का बारी-बारी से उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में इन सभी का अहम योगदान है।
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