लखनऊ , फरवरी 24 -- जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवाद को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार 25 फरवरी से 'संवाद सेतु' (जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर) व्यवस्था लागू करने जा रही है। इस नई प्रणाली की शुरुआत पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में गाजियाबाद, हरदोई और कन्नौज जनपदों में की जाएगी।

समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने इस संबंध में तीनों जिलों के जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि व्यवस्था का सुचारु संचालन किया जा सके।

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक जनपद में जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी द्वारा जनप्रतिनिधि की कॉल 10 मिनट के भीतर रिसीव नहीं की जाती या कॉल बैक नहीं किया जाता है, तो जनप्रतिनिधि कमांड सेंटर को इसकी सूचना दे सकेंगे। इसके बाद कमांड सेंटर संबंधित अधिकारी को तुरंत कॉल बैक करने के निर्देश देगा और संवाद सुनिश्चित करेगा।

यह व्यवस्था केवल कार्यालय समय और कार्य दिवसों में सरकारी (सीयूजी) नंबरों पर लागू होगी। बेहतर संवाद और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही की स्थिति में इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

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