भोपाल , जनवरी 28 -- मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन अभियान और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना और जीवन स्तर में सुधार करना है। उन्होंने ग्राम पंचायत भोड़ियापानी, तामिया तहसील, छिंदवाड़ा जिले में आयोजित संवाद कार्यक्रम में भारिया जनजाति के सदस्यों से रू-ब-रू होकर उन्हें विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और उनके लाभ लेने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने छिंदवाड़ा जिले की पीएम आवास निर्माण में देश में अग्रणी रहने के लिए जिला प्रशासन की सराहना की।

उन्होंने सामूहिक प्रयासों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सिकल सेल और क्षय रोग की समय पर जांच, उपचार और जागरूकता आवश्यक है। शासन द्वारा मरीजों को नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और नियमित सेवन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत में पारंपरिक मोर मुकुट पहनाकर विधायक श्री कमलेश प्रताप शाह और राज्य भारिया प्राधिकारण अध्यक्ष श्री दिनेश कुमार अंगारिया ने राज्यपाल का अभिनंदन किया। स्थानीय नागरिकों और छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सैला और गैंडी लोकनृत्य से स्वागत किया।

राज्यपाल ने आदिवासी नवीन कन्या आश्रम की छात्राओं से बातचीत की और उन्हें अध्ययन और उज्जवल भविष्य की प्रेरणा दी। वही राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के 11 स्व-सहायता समूहों को 47 लाख रुपये की सहायता चेक वितरित किए। इसके अलावा बिरसा मुंडा स्वरोजगार, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण, मुख्यमंत्री दुधारू पशु, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजनाओं के हितलाभ वितरित किए। सिकल सेल मरीजों को डिजिटल प्रमाणपत्र और टीबी मरीजों को फूड बास्केट प्रदान किए गए। कुंवाखुट्टी की छात्रा कु. कपूरी भारती को हिंसक वन जीवों से बचाव में साहसिक कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया।

राज्यपाल ने पंचायत में 'स्वच्छता साथी वॉश ऑन व्हील्स प्लस' सेवा का शुभारंभ किया, जिसके तहत व्यक्तिगत और संस्थागत शौचालयों की सफाई एवं मरम्मत कार्य सुविधा शुल्क पर किए जाते हैं। वर्तमान में 55 हजार यूनिट शौचालयों की सफाई द्वारा 50 साथियों ने 55 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित की।

राज्यपाल ने जनमन आवास योजना के तहत हितग्राही श्रीमती राजवती भारती के घर पारंपरिक ग्रामीण खाद्य पदार्थों का सेवन किया। ग्राम चिमटीपुर में होम-स्टे का निरीक्षण किया, जहाँ प्रति माह लगभग 15-20 पर्यटक रुकते हैं और हितग्राहियों को अच्छा लाभ मिल रहा है।

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