पटना , फरवरी 24 -- ारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं घर-घर सर्वेक्षण के लिए मास्टर ट्रेनरों के पहले बैच का चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण मंगलवार से प्रारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार, पटना के तत्वावधान में राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से आए 48 मास्टर ट्रेनर भाग ले रहे हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार के निदेशक एम रामचंद्रुडू ने कहा कि जनगणना 2027 देश का एक विशाल राष्ट्रीय अभियान है, जिसमें पूरे देश में 32 लाख से अधिक लोग कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार में यह संख्या तीन लाख से ऊपर होगी। इन सभी कर्मियों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी राज्य के 140 मास्टर ट्रेनरों पर है। उन्होंने कहा कि मास्टर ट्रेनर इस प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि वे विषयवस्तु को सही ढंग से नहीं समझेंगे तो इसका प्रभाव पूरे जिले पर पड़ेगा।उन्होंने बताया कि चार दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर तैयार मॉड्यूल के आधार पर संचालित किया जा रहा है, जिससे पहले चरण के मकान सूचीकरण से जुड़ी हर विधा में प्रतिभागियों को दक्ष बनाया जा सके। दूसरा चरण, जो फरवरी 2027 में प्रस्तावित है, के लिए अलग से प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

निदेशक ने बताया कि मकान सूचीकरण और घर घर सर्वेक्षण के दौरान 33 बिंदुओं पर जानकारी संकलित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आमजन को स्व-गणना के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे वे मोबाइल एप के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकें। इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग सेन्सस मैनेजमेंट मॉनिटरिंग सिस्टम(सीएमएमएस) के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने इसे देशहित का कार्य बताते हुए पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से प्रशिक्षण लेने और आगे जिलों में प्रभावी प्रशिक्षण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

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