वाराणसी , फरवरी 9 -- देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना-2027 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। यह देश की 16वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी, जिसे गांव, शहर और वार्ड स्तर पर प्राथमिक आंकड़ों का सबसे बड़ा एवं विश्वसनीय स्रोत माना जाता है।

सोमवार को मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी एवं निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, श्रीमती शीतल वर्मा (आईएएस) ने वाराणसी मंडलायुक्त और चारों जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ कमिश्नरी सभागार में जनगणना-2027 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। जनगणना दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकान गणना 22 मई से 20 जून 2026 तक पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ की जाएगी। द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में पूरे देश में एक साथ संपन्न होगी।

जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। पहली बार नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प दिया गया है। इसके तहत 7 मई से 21 मई 2026 तक सभी नागरिक सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन प्रश्नावली भर सकेंगे। नगर निकायों और ग्रामों के जीआईएस-आधारित मानचित्रों तथा गणना ब्लॉकों को तैयार करने में डिजिटल ऐप्स का उपयोग किया जाएगा।

बैठक में निदेशक जनगणना कार्य ने प्रक्रिया, समय-सीमा और कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। श्रीमती शीतल वर्मा ने कहा कि जनगणना के माध्यम से सामाजिक, आर्थिक और आवासीय स्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी, जो भविष्य की विकास योजनाओं और नीति-निर्माण के लिए महत्वपूर्ण होगी।

मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के दौरान कुल 33 प्रकार की सूचनाएं एकत्र की जाएंगी, जिनमें भवन का उपयोग, निर्माण सामग्री, कमरे की संख्या, स्वामित्व, शौचालय की उपलब्धता, प्रकाश स्रोत, खाना पकाने का ईंधन, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, मुख्य उपभोग अनाज, फोन, वाहन, टीवी और इंटरनेट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सभी जानकारी डिजिटल रूप से संकलित की जाएगी और पूर्णत: गोपनीय रहेगी।

जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 15 फरवरी से चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। वाराणसी जनपद में लगभग 10 हजार, जौनपुर में 11 हजार, गाजीपुर में 9 हजार और चंदौली में 5 हजार कार्मिकों को ड्यूटी पर लगाया जाएगा।

मंडलायुक्त वाराणसी एस. राजलिंगम ने प्रशिक्षण की महत्ता पर बल देते हुए सभी जिलाधिकारियों को प्रभावी प्रशिक्षण और उपयुक्त प्रशिक्षकों के चयन पर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य को समयबद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए अभी से सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएँ।

बैठक में वाराणसी मंडल के चारों जनपदों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, नगर आयुक्त वाराणसी, सभी अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), संयुक्त शिक्षा निदेशक, उपनिदेशक सूचना, उपनिदेशक पंचायती राज, उपनिदेशक अर्थ एवं संख्या, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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