जगदलपुर , मार्च 25 -- छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहारा देने के उद्देश्य से संचालित शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

विकासखण्ड बास्तानार के ग्राम तुरांगुर निवासी निर्माण श्रमिक किरण ठाकुर की कहानी इस बात का उदाहरण है कि किस प्रकार सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा का मार्ग आसान हो रहा है।

किरण ठाकुर पंजीकृत निर्माण श्रमिक के रूप में कार्य करते हैं और सीमित आय के बावजूद अपनी पुत्री तनीषा ठाकुर को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। तनीषा वर्तमान में कक्षा नौवीं में अध्ययनरत है। आर्थिक स्थिति साधारण होने के कारण पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करना परिवार के लिए चुनौतीपूर्ण था। इसी दौरान किरण ठाकुर को एक परिचित के माध्यम से शासन की मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के बारे में जानकारी मिली।

शिक्षा के प्रति सजग किरण ठाकुर ने आवश्यक दस्तावेजों के साथ श्रम संसाधन केंद्र में आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उन्हें योजना का लाभ प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से उनके बैंक खाते में 3,000 रुपये की सहायता राशि सीधे हस्तांतरित की गई।

इसके अतिरिक्त निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के तहत भी उन्हें 2,000 रुपये की राशि प्राप्त हुई। इस प्रकार कुल 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता से तनीषा की पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी मदद मिली है। परिवार के लिए यह सहायता महत्वपूर्ण साबित हुई है, जिससे शिक्षा के खर्च का बोझ कुछ हद तक कम हुआ है।

किरण ठाकुर का कहना है कि श्रम विभाग की योजनाएं उनके जैसे पंजीकृत श्रमिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई हैं। उनका मानना है कि यदि इस प्रकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिक परिवारों तक पहुंचे तो गरीब तबके के बच्चों की शिक्षा में आर्थिक बाधाएं काफी हद तक कम हो सकती हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित