नयी दिल्ली , फ़रवरी 07 -- दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने शनिवार को जनकपुरी हादसा स्थल का निरीक्षण कर कहा कि इस मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा।
श्री सूद ने निरीक्षण के बाद कहा की जनकपुरी में हुई यह घटना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की जवाबदेही से भी जुड़ा विषय है। दिल्ली के नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मैंने आज सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का संयुक्त निरीक्षण किया है। घटना के वास्तविक कारणों की तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गहन जाँच कराई जाएगी। इस घटना में जो भी अधिकारी, एजेंसी या ठेकेदार प्रत्यक्ष या अप्रत्क्ष रूप से दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जनकपुरी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की समग्र सुरक्षा का भी ऑडिट कराया जाएगा ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का स्पष्ट कहना है की दिल्ली में जनता की सुरक्षा से किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। प्रथम दृष्टया जिन अधिकारियों पर लापरवाही का संदेह पाया गया है, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
श्री सूद ने कहा कि साइट पर पाई गई सभी कमियों को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस के माध्यम से दिल्ली जल बोर्ड और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस द्वारा कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच जारी है और ठेकेदार की लापरवाही के मामले में गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि जल बोर्ड के किसी अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा की यह घटना अत्यंत दुखद है और सभी इससे आहत हैं। इस दुख से एक नौजवान की जान वापस नहीं आ सकती, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए। मुख्यमंत्री स्वयं पूरे घटनाक्रम पर पल-पल निगरानी रखे हुए हैं और उनके निर्देशों पर सभी कार्यवाहियां की जा रही हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित