जगदलपुर , फरवरी 11 -- छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिले के पुलिस अधीक्षक बस्तर शलभ सिन्हा ने थाना कोतवाली परिसर में जगदलपुर क्षेत्र के डीजे संचालकों की बैठक ली। परीक्षा के दृष्टिगत आयोजित इस बैठक में डीजे संचालन के दौरान समय सीमा और ध्वनि स्तर को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए।

एसपी कार्यालय से बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार,बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि रात्रि 10:00 बजे के बाद बिना अनुमति डीजे या लाउडस्पीकर का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह नियम विवाह समारोह, सामाजिक आयोजनों और अन्य कार्यक्रमों पर भी समान रूप से लागू होगा। साथ ही ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत निर्धारित डेसीबल सीमा का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि तेज आवाज से परीक्षार्थी, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। ऐसे में किसी भी सूरत में ध्वनि सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध ध्वनि प्रदूषण अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि बार-बार नियम तोड़ने वाले संचालकों के उपकरण जब्त करने और लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।

बैठक में मौजूद अधिकांश डीजे संचालकों ने नियमों के पालन का आश्वासन दिया। पुलिस ने कहा कि यह अभियान सिर्फ चेतावनी तक सीमित नहीं रहेगा। आगामी दिनों में ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों के आधार पर औचक निरीक्षण भी किए जाएंगे।

पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे क्षेत्र में किसी भी प्रकार के ध्वनि प्रदूषण की सूचना तत्काल नजदीकी थाने या डायल 112 पर दें। बस्तर पुलिस परीक्षार्थियों और आमजन को ध्वनि प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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