सागर , दिसंबर 24 -- मध्यप्रदेश में छात्रों को प्रताड़ित करने तथा अनुशासनहीनता के आरोप में सागर जिले की एक शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश सागर संभागायुक्त अनिल सुचारी के आदेशानुसार की गई है।
संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर संभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी सागर से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर शासकीय पीएम श्री उच्च माध्यमिक विद्यालय खिमलासा, विकासखंड खुरई, जिला सागर में पदस्थ उच्च माध्यमिक शिक्षक श्रीमती दीपाली सिंघई को निलंबित किया गया है। प्रतिवेदन में बताया गया कि कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों द्वारा शिकायती आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद श्रीमती सिंघई द्वारा छात्र-छात्राओं को प्रताड़ित किया गया।
आरोप है कि शिक्षिका ने छात्रों को भड़काकर प्राचार्य एवं शिक्षकों के विरुद्ध बिना किसी पूर्व सूचना अथवा अनुमति के नारे लगवाए, जाम लगवाया और उपद्रव कराया, जिससे संस्था तथा विभाग की छवि धूमिल हुई। मामले के परीक्षण के उपरांत श्रीमती सिंघई प्रथम दृष्टया दोषी पाई गईं।
संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी ने इसे स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता मानते हुए मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उल्लंघन का मामला पाया। इसके तहत मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
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