नयी दिल्ली , मई 01 -- जनगणना 2027 के पहले चरण के अंतर्गत छह राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य शुक्रवार से शुरू हो गया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दिल्ली नगर निगम क्षेत्र, राजस्थान, महाराष्ट्र, मेघालय और झारखंड में स्व-गणना सुविधा भी शुरू हो गई है।
गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अधिसूचित 15-दिन की स्व-गणना अवधि पूरी होने के बाद मकानसूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य हुआ है जो 30 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान प्रशिक्षित प्रगणक घर-घर जाकर डेटा संग्रह करेंगे। जनगणना 2027 के तहत राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दिल्ली नगर निगम क्षेत्र, राजस्थान, महाराष्ट्र, मेघालय और झारखंड में स्व-गणना सुविधा शुरू हो गई है जो ऑनलाइन सुविधा 15 मई तक उपलब्ध रहेगी। इन राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 16 मई से 14 जून तक किया जाएगा, जिसके दौरान प्रशिक्षित प्रगणक घर-घर जाकर आंकड़ों को एकत्र करेंगे।
इसके अलावा, बिहार में, अधिसूचित 15-दिन की स्व-गणना अवधि आज समाप्त हो रही है, और घर-घर जाकर कार्य शनिवार से शुरू होकर 31 मई तक जारी रहेगा।
जनगणना में पहली बार शुरू की गई स्व-गणना सुविधा को जनता से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। जनगणना 2027 के लिए अपनाई गई डिजिटल-प्रथम पहल के अंतर्गत अब तक लगभग 82 लाख परिवारों ने आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपनी स्व-गणना सफलतापूर्वक पूर्ण की है।
यह सुविधा क्षेत्रीय गणना अवधि से पहले उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे निवासी सुरक्षित और सरल डिजिटल मंच के माध्यम से ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकें। यह पहल जनगणना संचालन के डिजिटलीकरण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और लचीलेपन, सुविधा तथा भागीदारी में आसानी प्रदान करने के लिए इसकी व्यापक रूप से सराहना हुई है। जिन निवासियों ने स्व-गणना पूरी कर ली है, उनसे अनुरोध है कि वे अपनी स्व-गणना आईडी को तैयार रखें और प्रगणक के आने पर इसे उनसे साझा करें। जिन परिवारों ने स्वयं जनगणना का विकल्प नहीं चुना है, उन्हें जनगणना करने वालों द्वारा घर-घर जाकर मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना में शामिल किया जाएगा।
जनगणना पहली बार डिजिटल साधनों के माध्यम से आयोजित की जा रही है, जबकि व्यापक एवं सटीक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए पारंपरिक घर-घर गणना प्रणाली को भी यथावत रखा गया है। फील्ड विज़िट के दौरान प्रगणक आंकड़ों को डिजिटल रूप से एकत्र करने के लिए विशेष मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे, जिससे अधिक सटीक और त्वरित प्रोसेसिंग सुनिश्चित होगी।
मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना चरण के अंतर्गत, प्रगणक 33 अधिसूचित प्रश्नों पर आधारित संरचित प्रश्नावली के माध्यम से आवास की स्थिति, परिवारों का विवरण तथा उपलब्ध सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित करेंगे। यह चरण जनगणना 2027 के आगामी जनसंख्या गणना चरण के लिए भी नींव तैयार करेगा।
स्व -गणना सुविधा वर्तमान में तेलंगाना और पंजाब में अधिसूचित कार्यक्रम के अनुसार चल रही है। इस बीच, मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य वर्तमान में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम और उत्तराखंड के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी के दिल्ली नगर पालिका क्षेत्र और दिल्ली छावनी बोर्ड में भी चल रहा है।
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