रायपुर , फरवरी 04 -- छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री एवं वर्तमान विधायक कवासी लखमा आज रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हुए। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें शराब घोटाला मामले में शर्तों के साथ अंतरिम जमानत प्रदान की है, जिसके बाद उन्हें आज देर शाम जेल से रिहा किया गया है।
गौरतलब है कि आदिवासी नेता कवासी लखमा पर छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में गंभीर आरोप लगे हैं और वह लंबे समय से न्यायिक हिरासत में थे। सुप्रीम कोर्ट की एक तीन-सदस्यीय पीठ, जिसमें मुख्य न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली शामिल थे, ने अंतरिम जमानत पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए यह राहत दी थी। पीठ ने अपने आदेश में कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं, जिनका पालन करना लखमा के लिए अनिवार्य होगा।
हालांकि अदालत ने अंतरिम जमानत दी है, लेकिन यह स्पष्ट किया है कि यह निर्णय मामले की यथास्थिति को बनाए रखते हुए आगामी कार्यवाही में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं करेगा। न्यायालय ने इस दौरान संबंधित एजेंसियों को मामले की गहन जांच जारी रखने की अनुमति भी दी है। इस जमानत का मतलब यह कतई नहीं है कि लखमा पर लगे आरोपों की गंभीरता कम हो गई है।
इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 18 मार्च 2026 तय की गई है। विधायक की रिहाई से इस उच्च-प्रोफ़ाइल मामले में राज्य की राजनीतिक गलियारों में एक नया मोड़ आया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि वे मामले की तह तक जाने और सभी आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाने के अपने प्रयास जारी रखेंगी।
प्रवर्तन निदेशालय ने 15 जनवरी 2025 को विधायक कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था, जांच एजेंसी को विशेष अदालत की ओर से रिमांड भी मिली थी, रिमांड अवधि खत्म होने के बाद कवासी लखमा रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे।
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