नयी दिल्ली , दिसंबर 23 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में आईएएस अधिकारी निरंजन दास को गिरफ्तार कर लिया।
दास को रायपुर स्थित धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत विशेष न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें ईडी की तीन दिन की हिरासत में भेज दिया गया।
ईडी ने छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी। पुलिस जांच में पता चला कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की आपराधिक आय अर्जित की गई, जिससे अनुसूचित अपराधों के माध्यम से लाभार्थियों को लाभ हुआ।
ईडी की जांच में पता चला कि दास को अपराध से प्राप्त लगभग 18 करोड़ रुपये की रकम मिली थी। इसके अलावा, डिजिटल डेटा, जब्त दस्तावेजों और दर्ज बयानों से मिले सबूतों से यह साबित होता है कि वह शराब गिरोह का सक्रिय सहयोगी था। जांच में यह भी साबित हुआ कि आईएएस अधिकारी को शराब घोटाले को अंजाम देने में मदद करने के लिए ही आबकारी आयुक्त और आबकारी विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।
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