रायपुर , दिसंबर 17 -- ) छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन बुधवार को राष्ट्रगीत वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा हुई। चर्चा की शुरुआत करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरक शक्ति रहा है। उन्होंने कहा कि इस गीत की ऐतिहासिक यात्रा देश के अलग-अलग दौरों से जुड़ी रही है और आज जब इसके 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं, तब यह चर्चा और भी प्रासंगिक हो जाती है।

डॉ. सिंह ने कहा कि यह विधानसभा के लिए एक अवसर है कि सभी सदस्य एकजुट होकर नवभारत के निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित करें। उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि इस विषय पर सार्थक और गंभीर विचार रखें।

वहीं, चर्चा में भाग लेते हुए नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि इतिहास को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् से जुड़े प्रसंगों में कुछ ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को अनावश्यक रूप से विवाद में लाया जाता है, जबकि वास्तविकता यह है कि उस दौर में देश को एकजुट रखने के प्रयास किए गए थे। उन्होंने कहा कि यदि हम इतिहास को गलत रूप में आने वाली पीढ़ियों के सामने रखेंगे, तो यह समाज के लिए घातक हो सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चर्चा के दौरान कहा कि जो समाज अपने इतिहास से सीख नहीं लेता, उसका भविष्य सुरक्षित नहीं रहता। उन्होंने वंदे मातरम् को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने वाला गीत बताया और कहा कि यह गीत देशवासियों को सार्वजनिक और भावनात्मक रूप से जोड़ता है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रगीत की 150वीं जयंती पर इस विषय पर चर्चा आयोजित करने के लिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

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