रायपुर , दिसंबर 15 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सोमवार को सदन में जनहित से जुड़े अहम मुद्दों को लेकर चर्चा गर्म रही। स्कूल-कॉलेजों में लगाए गए सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और उनके डिस्पोजल से जुड़ी इंसीनरेटर मशीनों की स्थिति तथा बेरोजगारी भत्ते के सवाल पर पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए।

भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित मशीनों के संचालन और रखरखाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई स्थानों पर ये मशीनें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। उन्होंने सरकार से इनके सत्यापन और संबंधित एजेंसियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की। इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन को बताया कि प्रदेश में लगभग 1600 मशीनें कार्यरत हैं, जबकि करीब 1300 मशीनें खराब पाई गई हैं। मंत्री ने आश्वासन दिया कि आवश्यक जांच कराई जाएगी। विधायक कौशिक ने अपने क्षेत्र के स्कूलों का उदाहरण देते हुए त्वरित जांच की मांग की, जिस पर मंत्री ने सहमति जताई।

इसी दौरान प्रश्नकाल में बेरोजगारी का मुद्दा भी सदन में छाया रहा। कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या पर सवाल किया। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने जानकारी दी कि 1 अप्रैल 2024 तक प्रदेश में 11 लाख 39 हजार 656 पंजीकृत बेरोजगार हैं, जबकि वर्तमान में यह संख्या करीब 15 लाख के आसपास है। मंत्री ने कहा कि सरकार रोजगार मेलों और प्लेसमेंट कैंपों के जरिए युवाओं को अवसर उपलब्ध करा रही है तथा शीघ्र ही राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन कर बड़ी संख्या में नियुक्तियां दी जाएंगी।

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