रायपुर , जनवरी 16 -- छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। राज्य के 32 लाख से अधिक घरों तक अब नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो गई है और 5,564 ग्रामों को 'हर घर जल ग्राम' घोषित किया गया है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने शुक्रवार को बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराना है। मिशन के अंतर्गत अब तक 40 लाख 87 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। इससे पहले राज्य में केवल 3.19 लाख कनेक्शन ही उपलब्ध थे।
वर्तमान में 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं। 'हर घर जल' घोषित किए गए 5,564 ग्रामों में से 4,544 ग्रामों को विधिवत प्रमाणित किया जा चुका है। पिछले दो वर्षों में सर्टिफाइड ग्रामों की संख्या में 750 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
जल गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें 47 एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। गुणवत्ता से किसी समझौते के बिना, दोषपूर्ण कार्यों पर बीते दो साल में 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया गया है और 629 अनुबंध निरस्त किए गए हैं।
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